INTRODUCTION

    राजकीय महाविद्यालय अनूपगढ़ जिला श्रीगंगानगर उदारमना भामाशाह श्री नरेन्द्र कुमार छाबड़ा व इनके पुत्र श्री मोहित छाबड़ा ने अपने पिता व दादा सेठ श्री बिहारीलाल छाबड़ा जी की स्मृति में दी गई धनराशि से भवन निर्माण करवाकर 01.09.2014 को राजस्थान सरकार को अर्पित कर इस महाविद्यालय को स्थापित किया है। राजस्थान सरकार शिक्षा (ग्रुप-3) विभाग के आदेश क्रमांकः- 6(9)शिक्षा/ग्रुप-3/2014/जयपुर दिनांक 05.05.2015 के अनुसार अब महाविद्यालय का नाम सेठ बिहारीलाल छाबड़ा राजकीय महाविद्यालय अनूपगढ़ जिला श्रीगंगानगर हो गया है।
    महाविद्यालय अनूपगढ़ शहर से 02 किमी. दूरी पर श्रीगंगानगर-बीकानेर राज्य सड़क मार्ग पर स्थित है। बीकानेर व श्रीगंगानगर से इसकी दूरी क्रमशः 150 व 125 किमी. है। महाविद्यालय के पास विशाल परिसर है जो 48 बीघा भूभाग में विस्तृत है। जिसका प्रयोग महाविद्यालय की प्रशासनिक, शैक्षणिक, सह-शैक्षणिक, खेल-कूद सम्बन्धी गतिविधियों में समय-समय पर किया जाता है।  
   अक्टूबर 2014 में 51 विद्यार्थियों के प्रवेश के साथ ही विधिवत रूप से महाविद्यालय का शुभारम्भ हुआ था। सत्र 2016-17 में महाविद्यालय में अध्ययनरत् विद्यार्थियों की संख्या 371 हो गई है। अल्प समय में ही महाविद्यालय में विद्यार्थियों के लिए आधारभूत सुविधाएं जुटा ली गई हैं। तीव्र गति से विकास के मामले में महाविद्यालय अन्य नवस्थापित महाविद्यालयों में ऊपरी पायदान पर आसीन है।
महाविद्यालय के पास सुसज्जित भूगोल प्रयोगशाला व पुस्तकालय तथा विद्यार्थियों के लिये स्वच्छ, खुले, हवादार कक्षा-कक्ष, तथा पर्याप्त मात्रा में फर्नीचर उपलब्ध है। महाविद्यालय में कला वर्ग में 07 ऐच्छिक विषय प्रारंभ किये गये है। महाविद्यालय के पुस्तकालय में विभिन्न विषयों से संबंधित पुस्तकों की कुल संख्या 1586 है। 
सहशैक्षणिक गतिविधियों में विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक व बौद्धिक विकास हेतु समय-समय पर संास्कृतिक खेल-कूद प्रतियोगिता आयोजित की जाती हैं। विभिन्न खेलकूद प्रतियोगितायों में महाविद्यालय के विद्यार्थी अन्र्तविश्वविद्यालय स्तर पर अपना लौहा मनवा चुके है। विद्यार्थियों  में कौशल विकास हेतु महाविद्यालय में संचालित युवा विकास केन्द्र के तत्वाधान में समय-समय पर व्याख्यान मालायों, सेमिनारों, संगोष्ठियों, विभिन्न ज्ञानवर्धक स्थलों के भ्रमणों का आयोजन किया जाता है। जिनका उद्देश्य युवा विद्यार्थियों का व्यक्तित्व विकास करना तथा उन्हे रोजगार प्रेरक सह-शिक्षा प्रदान करना है। महाविद्यालय में संचालित महिला प्रकोष्ठ महाविद्यालय में अध्ययनरत् बालिकायों व कार्यरत महिला कर्मचारियों व अधिकारियों की समस्यायों  के निराकरण हेतु कार्यरत है। महाविद्यालय में अध्ययनरत् विद्यार्थियों  के रोजगार अवसरों की अभिवृद्धि हेतु रोजगार प्लेसमेंट शैल का गठन किया गया है। युवा विकास केन्द्र के पुस्तकालय में विद्यार्थियों के व्यक्तित्व,चरित्र एवं विभिन्न कौशल विकास से सम्बन्धित साहित्य उपलब्ध है तथा विभिन्न प्रतियोगी परीक्षायोंकी तैयारी हेतु उपयोगी पुस्तको का संकलन है।
  महाविद्यालय परिवार गत् तीन सत्रों से निष्पक्ष व शांतिपूर्ण छात्रसंघ चुनावों का सफल संचालन कर चुका है। 
   इस संस्था का उदेश्य विद्यार्थियों के लिए केवल पुस्तकीय ज्ञान देना ही नहीं वरन् उनके बहुमुखी विकास के लिए प्रयत्न करना है। अपने इस गौरवमय उदेश्य के लिए संस्था पूर्ण कटिबद्ध है।