HISTORY

अरावली पर्वत माला के अंचल में बसा छोटा सा कस्बा थानागाजी अलवर जयपुर मार्ग पर स्थित है। दो ऐतिहासिक व प्रसिद्ध नगरों के बीच स्थित यह कस्बा स्वयं में भी ऐतिहासिक महव रखता है। इसके एक छोर पर प्रसिद्व बाघ अभ्यारण सरिस्का है तो दूसरे छोर पर महाभारत कालीन नगरी विराट नगर। ऐतिहासिक धरोहरों से समृद्ध यह कस्बा शिक्षा के प्रति बेहद जागरूक है व  यहाँ से अनेक प्रतिभाएँ उच्च शिक्षा प्राप्त कर देश में विविध क्षेत्रों में इस कस्बे का नाम रोशन कर रही है।
जून 2004 तक आर्थिक दृष्टि से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए उच्च शिक्षा एक स्वप्न ही था क्योंकि दूसरे शहरों में रहकर पढाई का खर्च उठाना उनके सामर्थ्य से बाहर था किन्तु 14 अगस्त 2004 से महाविद्यालय के आरंभ होने से उसका यह सपना भी साकार हो गया। कस्बे में 2.5 किलोमीटर दूर स्थित महाविद्यालय भवन प्राकृतिक सुन्दरता से भरपूर सुरम्य स्थल पर है। चारों तरफ  पहाड़ व हरियाली,  खुले मैदान व खेत खलिहानों के बीच निर्मित इसका परिसर निरंतर विकसित हो रहा है। यहाँ कला एवं विज्ञान संकाय में स्नातक स्तर तक शिक्षा की व्यवस्था है। कला संकाय के अंतर्गत भूगोल, इतिहास, अर्थशास्त्र, हिन्दी, राजनीति विज्ञान, संस्कृत ऐच्छिक विषयों में अध्ययन की सुविधा है। विज्ञान विषयों के अंतर्गत जीव विज्ञान व गणित दोनों ही वर्ग के साथ शिक्षण हेतु विकल्प हैं। सत्र 2013-14 से महाविद्यालय ने एम.ए. भूगोल विषय में क्रमोन्नत होकर स्नातकोत्तर महाविद्यालय का दर्जा प्राप्त किया है। लगभग 1500 विद्याथियों से अधिक संख्या वाला यह महाविद्यालय निरंतर अच्छे परीक्षा परिणाम के साथ कस्बे में अपनी गुणवत्ता की पैठ बना चुका है। यहां वर्तमान भवन में कुल 10 अध्ययन कक्ष, ICT Lab, Smart Class Room, E- Class Room, Library Room, Reading Room, 3 छोटे कक्ष, भण्डार व 4 प्रयोगशाला हैं। अन्य निमार्ण कार्य के प्रयास जारी है। प्रयोेगशाला में आवश्यकता अनुरूप समस्त संसाधन उपलब्ध हैं। सभी विषयों में पूर्णकालिक एवं निपुण प्राध्यापक है। कक्षा  में नियमित व गुणवत्ता पूर्ण अध्ययन होता है। छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना, रोवर्स स्काउटिंग एवं विभन्न खेलकूद, युवा कौशल प्रकोष्ठ, मानवाधिकार क्लब, महिला प्रकोष्ठ आदि सुविधाएँ उपलब्ध हैं। खेल- मैदानों को विकसित किया जा रहा है। साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का संचालन सत्र के मध्य में किया जाता है।