INTRODUCTION

नोहर के भामाशाह सेठ स्व. श्री गौरीशंकर बिहाणी की सद्इच्छा "र दानशीलताएं, तत्कालीन शिक्षा मंत्री श्री बी.डी. कल्ला के सहयोग एवं नोहर के युवा"ं के सतत् प्रयासों से अक्टूबर 1984 से वाणिज्य संकाय के रूप में इस महाविद्यालय का शुभारम्भ हुआ। बिहाणी परिवार ने अपनी सुयोग्य, धार्मिक "र दानशील गृहणी स्वर्गीया श्रीमती नर्बदादेवी बिहाणी के नाम पर महाविद्यालय भवन निर्मित कर सन् 1987 में राज्य सरकार को समर्पित किया "र उसी वर्ष तत्कालीन मुख्यमन्त्री श्रीमान् शिवचरण माथुर ने नवनिर्मित भवन का उद्घाटन करके कला संकाय प्रारम्भ करने की घोषणा की। 1990 में गणित तथा 1995 में कला में हिन्दी व विज्ञान संकाय में जीवविज्ञान विषय प्रारम्भ हुआ। सन् 2003 में स्ववितपोषी योजनान्तर्गत इतिहास व हिन्दी में स्नातकोत्तर कक्षायें प्रारम्भ की। सत्र 2006 से स्नातक स्तर पर अंग्रेजी साहित्य एवं राजस्थानी साहित्य तथा 2007 में स्नातक स्तर पर कम्प्यूटर एप्लीकेशन तथा स्नातकोत्तर भूगोल विषय का अध्ययन प्रारम्भ हुआ। यूजीसी से प्राप्त अनुदान से पुस्तकालय में पुस्तकों की संख्या 24.000 हो गयी। यूजीसी से प्राप्त अनुदान से 30 केवी जरनेटर, स्मार्ट बोर्ड, ग्रीन बोर्ड, फोटोस्टेट मशीन एवं सभी प्रयोगशाला"ं में इनवेटर, कम्प्यूटर एवं प्रोजेक्टर क्रय किये गये। जिससे विद्यार्थियों के अध्ययन में गुणात्मक वृद्धि हुई। महाविद्यालय के वनस्पतिशास्त्र के व्याख्याता डाॅ. राजेन्द्र कुमार कड़वासरा को विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी विभाग, राजस्थान सरकार, जयपुर के द्वारा मेजर प्रोजेक्ट स्वीकृत हुआ है। इस प्रोजेक्ट से रिसर्च के क्षेत्र में महाविद्यालय की गरिमा बढ़ेगी। शैक्षणिक कार्य को सर्व जनहितार्थ मानते हुए वर्तमान विधायक श्री अभिषेक मटोरिया ने सत्र 2011-12 पर विधायक कोटे से पांच लाख रूपये का आर्थिक सहयोग प्रदान कर महाविद्यालय परिसर में होम सांईस लैब का निर्माण करवाया है। सत्र 2012-13 में महाविद्यालय में छात्र संघ चुनाव शान्तिपूर्ण सम्पन्न हुए जिसमें निर्वाचित छात्र संघ अध्यक्ष मंगेज चाौधरी एवं समस्त छात्र संघ ने महाविद्यालय के विकास में सकारात्मक सहयोग प्रदान किया। आप सभी के सहयोग से यह महाविद्यालय निरन्तर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। धन्यवाद।